*घटना का संक्षिप्त विवरण और पुलिस जांच*
दिनांक 07 मई 2026 को सूचनाकर्ता बाहलिया बारेला (निवासी खिरनी फल्या, पोखलिया) ने सूचना दी थी कि उसका भाई गंगाराम बारेला ग्राम केली में एक सड़क दुर्घटना के बाद पलाश के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। थाना सिलावद में मर्ग क्रमांक 34/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान परिजनों ने एक अहम सुराग दिया कि मृतक के पास सफेद गमछा था, लेकिन शव लाल गमछे से लटका मिला। साथ ही मृतक किसी मानसिक तनाव में भी नहीं था। परिस्थितियों को संदिग्ध पाकर पुलिस ने वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए, जिससे साफ हुआ कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि *दुर्घटना के बाद सोची-समझी हत्या* थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने थाना सिलावद में *अपराध क्रमांक 109/2026, धारा 296(बी), 351(3), 103(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS)* के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया। मामले में मुख्य आरोपी राजू पिता गुलाब और चार अपचारी बालकों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
*तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुए फरार आरोपी*
“ऑपरेशन हवालात” अभियान के तहत थाना प्रभारी सिलावद उप निरीक्षक रामकृष्ण लौवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदेही आरोपियों को साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्य के आधार पर साफ हुआ कि घटना से पहले और घटना के वक्त आरोपी आपस में लगातार संपर्क में थे।
आज दिनांक 18 जून 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर फरार चल रहे निम्नलिखित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:
1. *बलिया* पिता कोटवाल भुगवाडे (उम्र 52 वर्ष, निवासी ग्राम किराड़ी)
2. *राका उर्फ राकेश* पिता शोभाराम रावत (उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम केली)
3. *निरेश* पिता बया रावत (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम केली)
*क्या है “रावण ग्रुप”?*
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि वे क्षेत्र में सक्रिय “रावण ग्रुप” के सदस्य हैं। यह ग्रुप सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं को जोड़ता था। गांव या आसपास कहीं भी विवाद होने पर इस ग्रुप के सदस्य तुरंत हथियारों के साथ इकट्ठा हो जाते थे और मारपीट व दादागिरी कर इलाके में अपना खौफ पैदा करने का प्रयास करते थे।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।





